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हिमाचल में मेजर विजय सिंह मनकोटिया की अंतिम विदाई, तियारा में उमड़ी भीड़ और बेटे ने दी मुखाग्नि

➤ तियारा में भावुक माहौल के बीच हुआ अंतिम संस्कार
➤ बेटे ने चिता को मुखाग्नि देकर पूरी की अंतिम विदाई
➤ शाहपुर से पांच बार विधायक और दो बार मंत्री रहे मनकोटिया


हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री और शाहपुर से पांच बार विधायक रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया का बुधवार को उनके पैतृक गांव तियारा, कांगड़ा में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा बैंड-बाजे के साथ निकली, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समर्थक और पूर्व सैनिक शामिल हुए। लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे मेजर मनकोटिया को अंतिम विदाई देने के लिए तियारा में लोगों की भीड़ जुटी। परिवार के सदस्य विदेश से लौटने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल हुए। बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, जिसके बाद मेजर विजय सिंह मनकोटिया पंचतत्व में विलीन हो गए।

अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर को घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इस दौरान परिवार, परिचितों और स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बैंड-बाजे के साथ अंतिम यात्रा श्मशानघाट के लिए रवाना हुई। यात्रा में शामिल लोगों के बीच शोक का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्व जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई देने पहुंचे।

तियारा में लोगों ने दी श्रद्धांजलि

मेजर मनकोटिया की अंतिम यात्रा में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि कांगड़ा और प्रदेश के अन्य हिस्सों से पहुंचे पूर्व सैनिक भी शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके सम्मान में तियारा बाजार भी बंद रहा। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल दिखाई दिया।

मेजर मनकोटिया का क्षेत्र से लंबे समय तक राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव रहा। यही वजह रही कि अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग तियारा पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

सेना से शुरू हुआ सार्वजनिक जीवन

मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत भारतीय सेना में अधिकारी के तौर पर की थी। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1982 में शाहपुर से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा चुनाव जीतना उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।

इसके बाद उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर चुनाव लड़ा और शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का कुल पांच बार प्रतिनिधित्व किया। लंबे राजनीतिक सफर के दौरान वह हिमाचल की राजनीति में एक चर्चित चेहरा रहे।

दो बार हिमाचल सरकार में मंत्री रहे

मेजर मनकोटिया ने हिमाचल प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1995 और 2003 में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली। उनके पास पर्यटन, नागरिक उड्डयन और कानून जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही।

वह हिमाचल पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे। राजनीति में रहते हुए कई मुद्दों पर उनकी बेबाक शैली चर्चा में रही। शाहपुर और कांगड़ा क्षेत्र की राजनीति में उनका लंबा जुड़ाव रहा।

मेजर विजय सिंह मनकोटिया के अंतिम संस्कार के साथ उनके सार्वजनिक जीवन का एक लंबा अध्याय समाप्त हो गया। तियारा में जुटी भीड़ और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने उन्हें भावुक माहौल में अंतिम विदाई दी।